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*मुस्कान और मदद ये दो*
         *ऐसे इत्र हैं जिन्हें जितना*
        *अधिक आप दूसरों पर*
           *छिड़केंगे उतने ही*
       *सुगन्धित आप स्वंय होंगे..

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Abhiwadan To

💞☘💞☘🍁🎭🍁☘💞☘💞 "पहली नमस्ते *परमात्मा* को,          जिन्होंने हमें बनाया है".      "दूसरी नमस्ते *माता पिता* को,                 जिन्होंने हमें        अपनी गोद में खिलाया है".        "तीसरी नमस्ते *गुरुओं* को,                जिन्होंने हमको        वेद और ज्ञान सिखाया है".  "चौथी और सबसे महत्वपूर्ण नमस्ते                   *"आप को"*          "जिन्होंने हमें अपने साथ        जुड़े रहने का मौका दिया  है.     🙏🌹💐  ॥सुप्रभात ॥ 💐🌹🙏

We Touch Our Phone Many Time

अनगिनत बार, हम एक दिन में हमारे 'टच फोन' को स्पर्श करते हैं और खुश महसूस करते हैं। कुछ समय में किसी के 'दिल' को छूने की कोशिश करें और वे अधिक खुश महसूस करेंगे। GM...